Search Here
Ode to a Nightingale in Hindi

Summary of Ode to a Nightingale in Hindi

Ode to a Nightingale Read in English

१- Ode to a Nightingale की रचना 1819 में जॉन कीट्स द्वारा की गई थी

2- इसकी रचना तब हुई जब जॉन कीट्स अपने मित्र चार्ल्स ब्राउन के साथ रह रहे थे।

3- कुछ लोगों ने कहा कि लंदन में हैम्पस्टेड के स्पैनियार्ड्स इन के बगीचे में ओड लिखा हुआ हैl

4- जॉन कीट्स के मित्र चार्ल्स आर्मिटेज ब्राउन के अनुसार, कीट्स ने वेंटवर्थ प्लेस स्थित अपने घर के बगीचे में बेर के पेड़ के नीचे ओड लिखा।

5- जॉन कीट्स ने एक दिन में ओड लिखा।

6- यह कविता पहली बार जुलाई 1819 में एनल्स ऑफ द फाइन आर्ट्स में प्रकाशित हुई थी।

7- जॉन कीट्स ने 1819 के वसंत में चार्ल्स ब्राउन के बगीचे में एक बुलबुल को देखा।

8- इसने बगीचे में एक बेर के पेड़ में अपना घोंसला बनाई थी। हर दिन, यह मधुर गाती थी।

9- जॉन कीट्स को इसके गाने में एक सुकून और आनंद की अनुभूति हुई।

10 – एक दिन जॉन कीट्स ने नाश्ते की कुर्सी ली और बेर के पेड़ के नीचे 2 या 3 घंटे तक बुलबुल को देखने और उसका मधुर गीत सुनने के लिए बैठे रहे।

११ – ३ घंटे के बाद वह हाथ में कागज के कुछ टुकड़े लेकर घर लौटा, उसने चुपचाप उसे किताबों के पीछे फेंक दिया।

१२ – वे स्क्रैप पेपर संख्या में ४ या ५ थे।

१३- जॉन कीट्स ने सुंदर कोकिला के बारे में और उसके मधुर गीत के बारे में अपनी काव्य भावनाओं की रचना की थी।

14- यह एक व्यक्तिगत कविता है जो कीट्स की नकारात्मक क्षमता की स्थिति में यात्रा का वर्णन करती है।

१५- इस ओड में, हमें पता चलता है कि जॉन कीट्स के आनंद का स्वर और उनका आशावादी स्वभाव बदल गया था। वह ode में उदास और निराशावादी महसूस करता है।

16- यहाँ जॉन कीट्स बताते हैं कि सुख स्थायी नहीं हो सकता और मृत्यु जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा है।

17- ओड टू ए नाइटिंगेल में 80 लाइनें होती हैं। यह जॉन कीट्स का सबसे लंबा ओड है। “Ode to a Nightingale” को आठ अलग-अलग छंदों में व्यवस्थित किया गया है, प्रत्येक दस पंक्तियों में।

18- इसमें ‘e on a Grecian Urn’ और ‘Ode on a Melancholy’ शामिल हैं।

19- इस कविता की शुरुआत एक अंधेरे जंगल में खड़े एक वक्ता से होती है। वक्ता एक बुलबुल का सुंदर गीत सुन रहा था।

20- कविता समय, मृत्यु, सौंदर्य, प्रकृति और मानवीय कष्टों की ओर ध्यान आकर्षित करती है (वक्ता इनसे बचना चाहता है और वह आराम पाने की कोशिश कर रहा है)।

21- उसने बुलबुल का गीत सुना और बुलबुल के गीत में सुकून पाया।
22- बुलबुल का गीत सुनकर उन्होंने अपने आप को अलग-थलग महसूस किया।
23- उन्होंने महसूस किया कि कविता बुलबुल और उसके गीत के साथ घनिष्ठ संबंध बनाएगी।
२४ - कुछ समय बाद बुलबुल उड़ गई, बुलबुल के गीत के इस वास्तविक अनुभव के बारे में वक्ता अनिश्चित है। उसने अपने आप से पूछा कि क्या दृष्टि वास्तविक थी या दिवास्वप्नl
25- शुरुआत में स्पीकर ने अपने दिल का दर्द बताया। उसका दिल खुशी से तड़पता है और उसकी इंद्रियों को एक दवा की तरह सुन्न कर देता है।                        
26- उसे ऐसा लगा जैसे उसने जहरीले हेमलॉक पौधे से पी ली हो या जैसे उसने अभी-अभी किसी तरह की अफीम का नशा किया हो और लेथे के पानी में गिर गया हो। (ग्रीक पौराणिक नदी जो मनुष्य को सब कुछ भूल जाती है।) 
27- इस कविता में कवि पक्षी के मधुर गीत को सुनकर अपने हृदय में उठती अपनी भावनाओं को व्यक्त करता है।
28- वह चिड़िया के सुंदर स्थान की दुनिया की देखभाल की दुनिया से भागने की इच्छा से भर जाता है।
29- कविता मानव जीवन की दुखद तस्वीर प्रस्तुत करती है। इसमें कीट्स के जीवन की निराशा और निराशा को दर्शाया गया है। 
30- जब जॉन कीट्स ने यह कविता लिखी तो उनका हृदय दुख से भर गया, क्योंकि-
टॉम कीट्स, उनके भाई की मृत्यु हो गई थी।
उनके भाई रॉबर्ट कीट्स विदेश चले गए थे।
जॉन कीट्स अपने प्रिय फैनी ब्राउन के कारण हुए रहस्य और पीड़ा से पीड़ित थे।
31- बुलबुल का गीत शराब, हरियाली और देशी नृत्य के मसौदे की उनकी इच्छा को जगाता है।
३२ वह बुलबुल के साथ धुँधले जंगल में गायब होना चाहता है और मिट जाता है।
33- वह संसार के कष्टों - दुखों, चिंताओं, रोग और बुढ़ापे को भूल जाना चाहता है।
34- कवि बुलबुल से बात करता है, वह उसे उड़ने के लिए कहता है ताकि वह उसका पीछा कर सके। वह बताता है कि वह कल्पना और काव्य प्रतिभा के अपने दृश्यहीन पंखों के साथ उड़ जाएगा। 
35- वह पक्षी की पहचान ड्रायड (पेड़ की ग्रीक देवी) से करता है। कवि ने पक्षी को प्रकृति की सार्वभौम आवाज का प्रतीक और एक अमर संगीतमय आवाज के रूप में सोचकर पक्षी को अमर कर दिया।
३६- कवि बुलबुल की आवाज को बेचैनी, तनाव, दुख और दर्द की दवा के रूप में प्रस्तुत करता है।
37- कवि बाहरी दुनिया को, अपने और अपने दर्द को, पक्षी के बारे में अपनी कल्पना और उसकी मधुर आवाज के कारण भूल जाता है।
38- कविता के अंतिम भाग में कवि को पता चलता है कि बुलबुल और उसका मधुर गीत अमर है। ये लंबे अतीत में थे और भविष्य में रहेंगे। अतीत में किसानों और सम्राटों ने इसका आनंद लिया है।
39- अन्त में कवि को यह अनुभव होता है कि वह अपनी कल्पना के सहारे संसार के दुखों और कष्टों से स्वयं को मुक्त नहीं कर सकता।
४०- लास्ट में वक्ता एक बार फिर अपने अनुभव के बारे में अनिश्चित था कि यह सच्चा अनुभव था या यह दिन का सपना था।
41- इस प्रकार हम कह सकते हैं कि ओड टू ए नाइटिंगेल कला का प्रतीक है और नश्वर जीवन को समाप्त करता है।

Ode to a Nightingale Read in English

Ode to a Nightingale, by John Keats

Ode to a Nightingale Important Points

Ode to a Nightingale हिन्दी में पढ़ें

1- Ode to Nightingale was composed in 1819, by John Keats

2- It was composed when John Keats was staying with Charles Brown, his friend.

3- Some people said that the ode is written in the garden of the Spaniards Inn, Hampstead in London

4- According to John Keats’ friend Charles Armitage Brown, Keats wrote the ode under the plum tree in the garden of his house at Wentworth Place.

5- John Keats wrote the ode in one day.

6- This poem was first published in Annals of the Fine Arts in July 1819.

7- John Keats saw a nightingale in Charles Brown’s garden in the spring of 1819.

8- It had built its nest in a plum tree in the garden. Every day, it sang sweetly.

9- John Keats felt a tranquil and joy in its song.

10 – One day John Keats took his breakfast chair and sat for 2 or 3 hours under the plum tree to see the nightingale and to listen its melodious song.

11 – After 3 hours he returned into house with some scraps of paper in his hand, he quietly thrust it behind the books.

12 – Those scrap papers were 4 or 5 in number.

13- John Keats had composed his poetic feelings about the beautiful nightingale and about its sweet song.

14- It is a personal poem which describes Keats’ journey into the state of Negative Capability.

15- In this Ode, we realize that the tone of John Keats’ pleasure and his optimistic nature was changed. He feels gloomy and pessimistic in the ode.

16- Here John Keats tells that pleasure can’t last and death is an inevitable part of life.

17- Ode to a Nightingale has 80 lines. It is the longest ode by John Keats. “Ode to a Nightingale” is arranged into eight different stanzas, each of ten lines.

18- It includes ‘Ode on a Grecian Urn’ and ‘Ode on Melancholy’.

19- This poem starts with a speaker standing in a dark forest. The speaker was listening to the beautiful song of a nightingale.

20- The poem draws attention to time, death, beauty, nature and human sufferings (the speaker wants to escape from these and he is trying to find comfort).

21- He listened the song of the nightingale and find comfort in the nightingale’s song.

22- Listening the song of the nightingale, he felt himself isolated figure.

23- He felt that poetry will make a closer relation to nightingale and to its song.

24- After some time the nightingale flew away, the speaker unsure about this real experience of the song of the nightingale. He asked himself whether the vision was real or a daydream?

25- In the beginning the speaker declared his heartache. His heart aches with the joy and numbs his senses like a drug.

26- He felt like he had drunk from the poisonous hemlock plant or like he had just taken some kind of opiate drug and fallen into the waters of Lethe. (Greek Mythological river that makes a man forget everything.)

27- In this poem the poet expresses his own feelings rising in his heart at the hearing of the melodious song of the bird.

28- He is filled with a desire to escape from the world of caring to the world of beautiful place of the bird.

29- The poem presents the tragic picture of human life. It depicts pessimism and dejection of Keats’ life.

30- When John Keats wrote this piece of poetry, his heart was full of sorrow, because-

  1. Tom Keats, his brother had died.
  2. His brother Robert Keats had gone abroad.
  3. John Keats was suffering under the suspense and agony caused by his beloved Fanny Browne.

31- The song of the nightingale kindles his desire for a draught of wine, greenery and country dances.

32- He longs to disappear into the dim forest with the nightingale and fade away.

33- He wants to forget about the afflictions of the world-miseries, worries, disease and old age.

34- The poet talks to the nightingale, he tells her to fly away so that he could follow her. He tells that he will fly with his viewless wings of imagination and poetic talent.

35- He identifies the bird with dryad (The Greek Goddess of the tree). The poet immortalizes the bird by thinking of the bird as the symbol of the universal voice of nature and an undying musical voice.

36- The poet presents the voice of the nightingale as the medicine of the discomfort, tension, miseries and pain.

37- The poet forgets the outside world, himself and his pains, due to his imagination about the bird and its sweet voice.

38- In the last part of the poem, the poet realises that the nightingale and its sweet song are immortal. These were in the long past and will in the future. The peasants and the emperors have enjoyed it in the past.

39- In the last, the poet realises that he can’t escape himself from the world miseries and the pains with the help of his imagination.

40- In the last the speaker once again was unsure about his experience whether it was true experience or it was day dream.

41- Thus we can say that Ode to a Nightingale is a symbol of art and outlasts mortal life.

Ode to a Nightingale हिन्दी में पढ़ें

Negative Capability हिन्दी में

Negative Capability हिन्दी में

यदि आप English Literature में रूचि रखते हैं तो ये पोस्ट आपको जरूर पढना चाहिएl

If you are interested in English Literature, you should read this post.

Negative Capability in English

Negative Capability is a term (phrase) first used by John Keats in 1817. John Keats introduced the concept of Negative Capability to his brothers, George Keats and Thomas Keats to explain the capacity of the greatest writers to pursue a vision of artistic beauty even when it leads them into intellectual confusion and uncertainty. He introduced it through a letter on 21st December 1817. It is a theory first articulated by John Keats about the artist’s access to the truth with pressure and framework of logic or science. John Keats wrote the letter when he was returning from the Christmas pantomime with his friends.

Negative Capability एक शब्द (वाक्यांश) है जिसे पहली बार 1817 में जॉन कीट्स द्वारा इस्तेमाल किया गया था। जॉन कीट्स ने अपने भाइयों, जॉर्ज कीट्स और थॉमस कीट्स को नकारात्मक क्षमता की अवधारणा पेश की, ताकि महानतम लेखकों की कलात्मक सुंदरता की दृष्टि को आगे बढ़ाने की क्षमता की व्याख्या की जा सके। यह उन्हें बौद्धिक भ्रम और अनिश्चितता की ओर ले जाता है। उन्होंने इसे २१ दिसंबर १८१७ को एक पत्र के माध्यम से पेश किया। यह पहली बार जॉन कीट्स द्वारा व्यक्त किया गया एक सिद्धांत है जो दबाव और तर्क या विज्ञान के ढांचे के साथ कलाकार की सच्चाई तक पहुंच के बारे में है। जॉन कीट्स ने यह पत्र तब लिखा था जब वह अपने दोस्तों के साथ क्रिसमस पैंटोमाइम से लौट रहे थे।

He did not use the word’ negative capability’ in an offensive sense, but to get over the idea that a person’s potential can be defined by what he or she does not possess- in this case, a need to be clever, a determination to work everything out.


उन्होंने ‘नकारात्मक क्षमता’ शब्द का इस्तेमाल आपत्तिजनक अर्थ में नहीं किया, बल्कि इस विचार को दूर करने के लिए किया कि किसी व्यक्ति की क्षमता को उसके पास जो नहीं है उससे परिभाषित किया जा सकता है- इस मामले में, चतुर होने की जरूरत है, एक दृढ़ संकल्प सब कुछ काम करो।

Negative Capability, a writer’s ability, “which Shakespeare possessed so enormously”, to accept ‘uncertainties, mysteries, doubts without any irritable reaching after fact and reason.

नकारात्मक क्षमता, एक लेखक की क्षमता, "जो शेक्सपियर के पास इतनी अधिक थी", 'अनिश्चितताओं, रहस्यों, संदेहों को बिना किसी चिड़चिड़ाहट के तथ्य और कारण के बाद स्वीकार करने के लिए।

He described the word Negative Capability as when a man is capable of being in uncertainties, mysteries, doubts, without any irritable reaching after fact and reason. His notion of negative capability has been influential for those working outside of aesthetics including scholars.


उन्होंने नकारात्मक क्षमता शब्द का वर्णन तब किया जब कोई व्यक्ति अनिश्चितताओं, रहस्यों, संदेहों में रहने में सक्षम होता है, बिना किसी चिड़चिड़े तथ्य और कारण के। नकारात्मक क्षमता की उनकी धारणा विद्वानों सहित सौंदर्यशास्त्र के बाहर काम करने वालों के लिए प्रभावशाली रही है।

A writer or person possessing negative capability is objective and emotionally detached. Works of a writer possessing negative capability may have beauties and depths that make conventional considerations of truth and morality irrelevant.

एक लेखक या व्यक्ति जिसमें नकारात्मक क्षमता होती है, वस्तुनिष्ठ और भावनात्मक रूप से अलग होता है। नकारात्मक क्षमता वाले लेखक के कार्यों में सुंदरता और गहराई हो सकती है जो सत्य और नैतिकता के पारंपरिक विचारों को अप्रासंगिक बना देती है।

He said that great poets should have the willingness to remain in doubt and uncertainty and not to resolve conflicts or doubts. Mysteries, doubts and uncertainties are the best to open to imagination power. In this way, the element of doubt and ambiguity produced romanticism.

उन्होंने कहा कि महान कवियों में संदेह और अनिश्चितता में रहने की इच्छा होनी चाहिए न कि संघर्षों या शंकाओं को हल करने की। कल्पना शक्ति को खोलने के लिए रहस्य, संदेह और अनिश्चितताएं सर्वोत्तम हैं। इस प्रकार, संदेह और अस्पष्टता के तत्व ने रूमानियत पैदा की।

According to the Bedford Glossary of Literary and Critical Terms, in order for a poet to ‘perceive reality in all its manifold complexity, to embrace the unsure and ambiguous, to avoid the temptation to rationalise all uncertainties, to negate one’s own personality and prejudices”, he or she must “Remain open-minded.  Keats believed that Shakespeare possessed the quality of negative capability.

बेडफोर्ड ग्लोसरी ऑफ लिटरेरी एंड क्रिटिकल टर्म्स के अनुसार, एक कवि के लिए 'अपनी सभी जटिलता में वास्तविकता को समझने के लिए, अनिश्चित और अस्पष्ट को गले लगाने के लिए, सभी अनिश्चितताओं को तर्कसंगत बनाने के प्रलोभन से बचने के लिए, अपने स्वयं के व्यक्तित्व और पूर्वाग्रहों को नकारने के लिए', उसे "खुले दिमाग से रहना चाहिए। कीट्स का मानना ​​था कि शेक्सपियर में नकारात्मक क्षमता का गुण है।

Negative Capability

Negative Capability

If you are interested in English Literature, you should read this post.

यदि आप English Literature में रूचि रखते हैं तो ये पोस्ट आपको जरूर पढना चाहिएl

Negative Capability हिन्दी में पढ़ें

Negative Capability (नकारात्मक क्षमता) is a term शब्द (phrase वाक्यांश) first used by John Keats in 1817. John Keats introduced the concept of Negative Capability to his brothers, George Keats and Thomas Keats to explain the capacity of the greatest writers to pursue (आगे बढ़ाना, पीछा करना) a vision of artistic beauty even when it leads them into intellectual (बौद्धिक) confusion (भ्रम) and uncertainty (अनिश्चितता). He introduced it through a letter on 21st December, 1817. It is a theory first articulated (व्यक्त किया गया) by John Keats about the artist’s access to truth with pressure and framework (ढांचे) of logic or science. John Keats wrote the letter when he was returning from the Christmas pantomime(मूकाभिनय) with his friends.

He did not use the word’ negative capability’ in an offensive (अपमान जनक) sense, but to get over (पहुँचाना, व्यक्त करना) the idea that a person’s potential (क्षमता, संभावना) can be defined by what he or she does not possess- in this case a need to be clever (समझदार), a determination (दृढ निश्चय) to work everything out.

Negative Capability, a writer’s ability, “which Shakespeare possessed so enormously (आधिक्य)”, to accept ‘uncertainties, mysteries, doubts without any irritable (चिडचिडा) reaching after fact and reason’.

He described the word Negative Capability as- when a man is capable of being in uncertainties, mysteries, doubts, without any irritable reaching after face and reason. His notion (धारणा, विचार) of negative capability has been influential (प्रभावशाली) for those working outside of aesthetics (सौंदर्यशास्त्र) including scholars.

A writer or person possessing (धारण किये हुए) negative capability is objective (वस्तुनिष्ठ) and emotionally (भावनात्मक रूप से) detached (अलग). Works of a writer possessing negative capability may have beauties and depths that make conventional (पारंपरिक) considerations विचारों) of truth and morality (नैतिकता) irrelevant (असंगत, अप्रासंगिक).

He said that great poets should have the willingness (इच्छा, तत्परता) to remain in doubt and uncertainty and not to resolve conflicts or doubts. Mysteries, doubts and uncertainties are the best to open to imagination power. In this way, the element of doubt and ambiguity (अस्पष्टता) produced romanticism.

According to the Bedford Glossary of Literary and Critical Terms, in order for a poet to ‘perceive (समझना) reality in all its manifold (विविध) complexity (जटिलता), to embrace the unsure and ambiguous, to avoid the temptation (प्रलोभन) to rationalise (युक्ति-संगत) all uncertainties, to negate one’s own personality and prejudices (पूर्वाग्रह, ईर्ष्या)”, he or she must “Remain open-minded.  Keats believed that Shakespeare possessed the quality of negative capability.

University Wits

University Wits

It is a group of English Dramatists. They wrote to the 16th Century. They were educated at the Oxford University or Cambridge University. They had great influence on the Elizabethan Literature.

The University Wits Group

  1. John Lyly [1554-1606]
  2. George Peele [1558-1596]
  3. Robert Greene [1558-1592]
  4. Thomas Lodge [1557-1625]
  5. Thomas Nashe [1567-1601]
  6. Thomas Kyd [1557-1594]
  7. Christopher Marlowe [1564-1593]

According to Date of birth

  1. John Lyly [1554-1606]
  2. Thomas Lodge [1557-1625]
  3. Thomas Kyd [1557-1594]
  4. George Peele [1558-1596]
  5. Robert Green [1558-1592]
  6. Christopher Marlowe [1564-1593]
  7. Thomas Nashe [1567-1601]

Trick to Remember

जॉन लाल पीला होकर रोब से गिरा थल पर, थक कर, नशे में, तो कष्ट हुआl

जॉन लाल (John Lyly) पीला (George Peele) होकर रोब से गिरा (Robert Greene) थल पर (Thomas Lodge), थक कर (Thomas Kyd), नशे में (Thomas Nashe), तो कष्ट (Christopher Marlowe) हुआl

Cambridge University

  1. Robert Greene
  2. Christopher Marlowe
  3. Thomas Nashe

Trick to Remember

नशे में, रोब से गिरा, कष्ट हुआl

Oxford University

  1. John Lyly
  2. George Peele
  3. Thomas Lodge
  4. Thomas Kyd

Trick

जॉन लाल पीला होकर, थल पर, थक कर

Use of Should

Should का प्रयोग

वैसे तो shall का Past form ही should होता है l should एक modal auxiliary verb है l should का अर्थ ‘चाहिए ‘ होता है l इसका प्रयोग स्वतंत्र verb के रूप में भी किया जाता है l अर्थात वहां पर यह shall का रूप नहीं होता है l should का प्रयोग निम्नलिखित रूपों में किया जाता है l

(1)- Duty or Obligation(कर्तव्य अथवा नैतिकता) प्रकट करने के लिए

(2)- Condition (शर्त) प्रकट करने के लिए

(3)- Guess (अनुमान) प्रकट करने के लिए

(4)- Possibility (संभावना) व्यक्त करने के लिए

(5)- Advice Or Suggestion ( सलाह अथवा सुझाव)

(6)- Imaginary Conditions (अवास्तविक परिस्थितियाँ)

(7)- Right or Wrong (उचित अथवा अनुचित)

(8)- Lest के बाद should का प्रयोग

(1)- Duty or Moral Obligation(कर्तव्य अथवा नैतिकता) प्रकट करने के लिए

कर्तव्य अथवा नैतिकता प्रकट करने के लिए should का प्रयोग किया जाता है l जिसका formula निम्नलिखित है l

Affirmative- Sub + should + v1 + obj + other.

Examples-

A person should serve his country.  (कर्तव्य)

एक व्यक्ति को अपने देश की सेवा करनी चाहिए l

We should respect our teachers. (नैतिकता)

हमें अपने गुरुओं का आदर करना चाहिए l

Negative- Sub + should + not + v1 + obj + other.

Examples-

A person should not avoid his duties.  (कर्तव्य)

एक व्यक्ति को अपने कर्म से विमुख नहीं होना चाहिए l

We should not insult our teachers. (नैतिकता)

हमें अपने गुरुओं का अनादर नहीं करना चाहिए l

Interrogative- Should + sub + v1 + obj + other + ?

Examples-

Should a person avoid his duties?

क्या एक व्यक्ति को अपने कर्म से विमुख होना चाहिए?

Should we insult our teacher?

क्या हमें अपने गुरुओं का अनादर करना चाहिए?

Interrogative and negative- Should + sub + not + v1 + obj + other +?

Examples-

Should a person not do his duties?

क्या एक व्यक्ति को अपना कर्म नहीं करना चाहिए?

Should we not respect our teacher?

क्या हमें अपने गुरुओं का आदर नहीं करना चाहिए?

(2)- Condition (शर्त) प्रकट करने के लिए

यदि के भाव में शर्त प्रकट करने के लिए भी should का प्रयोग किया जाता है l

Examples:-

Should it rains, he will deny to work.

यदि वर्षा होती है तो वह काम करने से मना कर देगा l

Should he abuses, Ram will beat him.

यदि वह गली देता है तो राम उसे पीटेगा l

(3)- Guess (अनुमान) प्रकट करने के लिए

जब हम चाहिए के अर्थ में अनुमान प्रकट करते है तो चाहिए के लिए should का प्रयोग किया जाता है l

Examples-

Ram should finish the work in two hours.

राम को दो घंटे में कार्य समाप्त कर देना चाहिए l

They should return from Delhi within a week.

उनको एक सप्ताह के अन्दर लौट आना चाहिए l

(4)- Possibility (संभावना) के व्यक्त करने लिए

Should से संभावना के अर्थ में भी चाहिए का अर्थ व्यक्त किया जाता है

Examples-

It should rain.

बरसात होनी चाहिए या बरसात होने की संभावना है l

India should win the match.

भारत को मैच जीतना चाहिए या भारत के मैच जीतने की संभावना है l

(5)- Advice Or Suggestion (सलाह अथवा सुझाव) व्यक्त करने लिए

Charles Dickens’ का जीवन-परिचय

Charles Dickens’ का जीवन-परिचय

Born- Charles Dickens was born in Portsmouth, Hampshire, England in 1812.

चार्ल्स डिकेंस का जन्म 1812 में पोर्ट्समाउथ, हैम्पशायर, इंग्लैंड में हुआ था।

Father and Mother- His father’s name was John Dickens and his Mother’s name was Elizabeth Dickens. His father was a clerk in the Naval Pay office. In 1824, Dickens’ father was imprisoned for debt. The entire family, except Dickens, were sent to Marshalsea Prison along with their father. Dickens was sent to work in a blacking warehouse, where he pasted labels on bottles.

उनके पिता का नाम जॉन डिकेंस था और उनकी माता का नाम एलिजाबेथ डिकेंस था। उनके पिता नौसेना वेतन कार्यालय में क्लर्क थे। 1824 में, डिकेंस के पिता को कर्ज के लिए कैद कर लिया गया था। डिकेंस को छोड़कर पूरे परिवार को उनके पिता के साथ मार्शलसी जेल भेज दिया गया था। डिकेंस को ब्लैकिंग वेयरहाउस में काम करने के लिए भेजा गया, जहां उन्होंने बोतलों पर लेबल चिपकाए।

Education- Dickens attended a school in London between 1824 and 1827 when his family condition improved. Dickens was forced to leave school again in 1827 when his family was evicted from their home in Somers Town for unpaid rent dues. Dickens learned shorthand and began his career as a journalist, He worked as a parliamentary reporter for two London newspapers.

डिकेंस ने १८२४ और १८२७ के बीच लंदन के एक स्कूल में पढ़ाई की, जब उनकी पारिवारिक स्थिति में सुधार हुआ। डिकेंस को १८२७ में फिर से स्कूल छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था जब उनके परिवार को सोमरस टाउन में उनके घर से अवैतनिक किराए के लिए बेदखल कर दिया गया था। डिकेंस ने शॉर्टहैंड सीखा और एक पत्रकार के रूप में अपना करियर शुरू किया, उन्होंने लंदन के दो अखबारों के लिए संसदीय रिपोर्टर के रूप में काम किया।

Love Life-Charles Dickens fell in love with Maria Beadnell. Dickens’ social status was low so Maria’s father objected to the match.

चार्ल्स डिकेंस को मारिया बीडनेल से प्यार हो गया। डिकेंस की सामाजिक स्थिति निम्न थी इसलिए मारिया के पिता ने मैच का विरोध किया।

First Literary Experiment- Dickens wrote a series of sketches about London life for a newspaper ‘Morning Chronicle’. This gave rise to ‘Sketches by Boz’. This was his first literary experiment. Boz was his family name which was adopted as a pseudonym. It was followed by his first novel- ‘The Posthumous Papers of the Pickwick Club’ in 1836-37. It is considered that the novel was published in serial form in monthly installments.

डिकेंस ने 'मॉर्निंग क्रॉनिकल' अखबार के लिए लंदन के जीवन के बारे में कई रेखाचित्र लिखे। इसने 'स्केच बाय बोज़' को जन्म दिया। यह उनका पहला साहित्यिक प्रयोग था। बोज़ उनका पारिवारिक नाम था जिसे छद्म नाम के रूप में अपनाया गया था। इसके बाद उनका पहला उपन्यास- 'द मरणोपरांत पेपर्स ऑफ द पिकविक क्लब' 1836-37 में आया। ऐसा माना जाता है कि उपन्यास मासिक किश्तों में धारावाहिक रूप में प्रकाशित हुआ था।

Dickens was the first to make serialization of novels profitable and was able to expand his audience to include those, who could not normally afford such literary works.

डिकेंस उपन्यासों के क्रमांकन को लाभदायक बनाने वाले पहले व्यक्ति थे और अपने दर्शकों का विस्तार करने में सक्षम थे ताकि उन लोगों को शामिल किया जा सके, जो आमतौर पर इस तरह के साहित्यिक कार्यों का खर्च नहीं उठा सकते थे।

Matrimonial Life- Dickens married Catherine Hogarth. She was the daughter of the editor of the Evening Chronicle on 2nd April 1836. That marriage was not successful, they separated many years later.

डिकेंस ने कैथरीन होगार्थ से शादी की। वह २ अप्रैल १८३६ को इवनिंग क्रॉनिकल के संपादक की बेटी थीं। वह विवाह सफल नहीं रहा, वे कई साल बाद अलग हो गए।

Literary Career- Dickens’ fame as a novelist was established with his novels- Oliver Twist and Nicholas Nickleby. Oliver Twist is a story of an orphan. This novel was written in response to the New Poor Laws of 1834. He also wrote Christmas stories, out of them the most known is A Christmas Carol.

एक उपन्यासकार के रूप में डिकेंस की प्रसिद्धि उनके उपन्यासों- ओलिवर ट्विस्ट और निकोलस निकलबी से स्थापित हुई थी। ओलिवर ट्विस्ट एक अनाथ की कहानी है। यह उपन्यास १८३४ के न्यू पुअर लॉ के जवाब में लिखा गया था। उन्होंने क्रिसमस की कहानियां भी लिखीं, उनमें से सबसे प्रसिद्ध ए क्रिसमस कैरल है।

Popular Novels-

David Copperfield

Hard Times

A Tale of Two Cities

Great Expectations

Journeys- In 1840s Dickens travelled abroad. At first, he went to America and then through Europe.1850s was the very sad decade for him. His daughter and father died in 1850s. His wife separated from him during that decade. The result was that his writings became more serious.

१८४० के दशक में डिकेंस ने विदेश यात्रा की। पहले वह अमेरिका गया और फिर यूरोप गया। १८५० का दशक उसके लिए बहुत दुखद दशक था। १८५० के दशक में उनकी बेटी और पिता की मृत्यु हो गई। उस दशक के दौरान उनकी पत्नी उनसे अलग हो गईं। इसका परिणाम यह हुआ कि उनका लेखन और अधिक गंभीर हो गया।

Death- Charles Dickens died of a stroke in 1870. He was working on his unfinished novel ‘The Mystery of Edwin Drood’

चार्ल्स डिकेंस की 1870 में एक आघात से मृत्यु हो गई। वह अपने अधूरे उपन्यास 'द मिस्ट्री ऑफ एडविन ड्रूड' पर काम कर रहे थे।
Charles Dickens’ Biography

Charles Dickens’ Biography

Born- Charles Dickens was born in Portsmouth, Hampshire, England in 1812.

Father and Mother- His father’s name was John Dickens and his Mother’s name was Elizabeth Dickens. His father was a clerk in the Naval Pay office. In 1824, Dickens’ father was imprisoned for debt. The entire family, except Dickens, were sent to Marshalsea Prison along with their father. Dickens was sent to work in a blacking warehouse, where he pasted labels on bottles.

Education- Dickens attended a school in London between 1824 and 1827 when his family condition improved. Dickens was forced to leave school again in 1827 when his family was evicted from their home in Somers Town for unpaid rent dues. Dickens learned shorthand and began his career as a journalist, He worked as a parliamentary reporter for two London newspapers.

Love Life-Charles Dickens fell in love with Maria Beadnell. Dickens’ social status was low so Maria’s father objected to the match.

First Literary Experiment- Dickens wrote a series of sketches about London life for a newspaper ‘Morning Chronicle’. This gave rise to ‘Sketches by Boz’. This was his first literary experiment. Boz was his family name which was adopted as a pseudonym. It was followed by his first novel- ‘The Posthumous Papers of the Pickwick Club’ in 1836-37. It is considered that the novel was published in serial form in monthly installments.

Dickens was the first to make serialization of novels profitable and was able to expand his audience to include those, who could not normally afford such literary works.

Matrimonial Life- Dickens married Catherine Hogarth. She was the daughter of the editor of the Evening Chronicle on 2nd April 1836. That marriage was not successful, they separated many years later.

Literary Career- Dickens’ fame as a novelist was established with his novels- Oliver Twist and Nicholas Nickleby. Oliver Twist is a story of an orphan. This novel was written in response to the New Poor Laws of 1834.

He also wrote Christmas stories, out of them the most known is A Christmas Carol.

Popular Novels-

David Copperfield

Hard Times

A Tale of Two Cities

Great Expectations

Journeys- In 1840s Dickens travelled abroad. At first, he went to America and then through Europe.1850s was the very sad decade for him. His daughter and father died in 1850s. His wife separated from him during that decade. The result was that his writings became more serious.

Death- Charles Dickens died of a stroke in 1870. He was working on his unfinished novel ‘The Mystery of Edwin Drood’

John Keats का जीवन-परिचय

John Keats का जीवन-परिचय हिन्दी में (1795-1821)

John Keats का जीवन-परिचय English में पढ़ें

Birth-

John Keats was born on October 31, 1795, in Moorgate, London. His parents marked his birthday on 29 October and in baptism (ईसाई दीक्षा, नामकरण संस्कार) record his birthday is marked on 31 October. Keats was said to have born in his maternal grandfather’s (नाना) stable (घुडसाल, अस्तबल). He was a great English Romantic lyric poet, devoted his life to the perfection of poetry with vivid imagery and great sensuous (भावमय, कामुक) appeal.

John Keats का जन्म 31 अक्टूबर, 1795 को लंदन के मूरगेट में हुआ था। उनके माता-पिता ने 29 अक्टूबर को उनके जन्मदिन को चिह्नित किया और बपतिस्मा (ईसाई दीक्षा, संस्कार संस्कार) में उनका जन्मदिन 31 अक्टूबर को चिह्नित किया गया। कहा जाता है कि कीट्स का जन्म उनके नाना के अस्तबल में हुआ था। वह एक महान अंग्रेजी रोमांटिक गीत कवि थे, जिन्होंने अपने जीवन को विविध कल्पना और महान कामुक अपील के साथ कविता की पूर्णता के लिए समर्पित कर दिया।

Father-

His father’s name was Thomas Keats. He had 4 children. John Keats was the eldest out of them. John Keats younger siblings (सगे भाई-बहन) were-

उनके पिता का नाम थॉमस कीट्स था। उनके 4 बच्चे थे। जॉन कीट्स उनमें सबसे बड़े थे। जॉन कीट्स छोटे भाई-बहन (सगे भाई-बहन) थे-
  1. George Keats
  2. Thomas Keats
  3. Frances Mary Keats

His father worked in the stable of his father-in-law. His father died from skull (खोपड़ी) fracture (अंग-भंग) after falling from his horse when he was only of 8. Unfortunately, his father died intestate (बिना वसीयतनामा लिखे).

उनके पिता अपने ससुर के अस्तबल में काम करते थे। उनके पिता की खोपड़ी (खोपड़ी) फ्रैक्चर (अंग-भंग) से उनके घोड़े से गिरने के बाद मृत्यु हो गई थी, जब वे केवल 8 वर्ष के थे। दुर्भाग्य से, उनके पिता की मृत्यु हो गई (बिना वसीयतनामा लिखित)।

Mother-

His mother’s name was Frances Jennings. John Keats’ mother died when he was only of 14, six years later of his father’s death. His mother died of Tuberculosis (यक्ष्मा, क्षय रोग) in March 1810.

उनकी माता का नाम फ्रांसिस जेनिंग्स था। जॉन कीट्स की मां की मृत्यु हो गई जब वह अपने पिता की मृत्यु के छह साल बाद केवल 14 वर्ष के थे। मार्च १८१० में उनकी माँ की मृत्यु क्षय रोग (यक्ष्मा, क्षुद्र रोग) से हो गई।

Spouse-

John Keats fell in deeply in love with a French girl, Fanny Browne, but met with sorrow and dejection (निराशा, उदासी). He became engaged to Fanny Browne, but due to money problem and symptoms (लक्षण) of tuberculosis, he never got married. It aggravated (उत्तेजित किया) his tuberculosis (यक्ष्मा, क्षय रोग) and he died.

जॉन कीट्स को एक फ्रांसीसी लड़की, फैनी ब्राउन से बहुत प्यार हो गया, लेकिन उन्हें दुःख और निराशा हुई (निराशा, उप)। उन्होंने फैनी ब्राउन से सगाई कर ली, लेकिन पैसे की समस्या और तपेदिक के लक्षणों (लक्षण) के कारण, उन्होंने कभी शादी नहीं की। इससे उसका तपेदिक (यक्ष्मा, क्षुद्र रोग) बढ़ गया और उसकी मृत्यु हो गई।

Fanny left him all too suddenly on the strange plea (बहाना, दलील) that Keats was not a few inches taller than her.

फैनी ने अचानक उसे इस अजीब दलील (बहाना,) पर छोड़ दिया कि कीट्स उससे कुछ इंच लंबा नहीं था।

Education-

The first time he was sent to a local dame school. His parents wished to send their sons to Eton or Harrow, but they could not afford (समर्थ होना) the fees. When he was at his grandparents’ (नाना-नानी) home in Edmonton, he was sent to John Clarke’s school in Enfield.  When he was at Clarke’s school he developed an interest in classics and history, the interest was with him throughout his life.

पहली बार उन्हें एक स्थानीय डेम स्कूल में भेजा गया था। उनके माता-पिता अपने बेटों को ईटन या हैरो भेजना चाहते थे, लेकिन वे फीस नहीं दे सकते थे। जब वह एडमोंटन में अपने दादा-दादी (नाना-नानी) के घर पर थे, तो उन्हें जॉन क्लार्क के स्कूल एनफील्ड में भेजा गया था। जब वे क्लार्क के स्कूल में थे तो उन्होंने क्लासिक्स और इतिहास में रुचि विकसित की, यह रुचि जीवन भर उनके साथ रही।

When he was at Clarke’s school, he met Charles Cowden Clarke, the headmaster’s son. Charles was his mentor (गुरू, परामर्शदाता) and friend. He introduced John Keats to Tasso, Spenser, Chapman’s translations and Renaissance (पुनर्जागरण) Literature.

जब वे क्लार्क के स्कूल में थे, तब उनकी मुलाकात प्रधानाध्यापक के बेटे चार्ल्स काउडेन क्लार्क से हुई। चार्ल्स उनके गुरु (गुरु, सलाह) और मित्र थे। उन्होंने जॉन कीट्स को टैसो, स्पेंसर, चैपमैन के अनुवाद और पुनर्जागरण (पुनर्जागरण) साहित्य से परिचित कराया।

John Keats began to focus on reading and study. He won his first prize in 1809. John Keats’ parents died when he was only under 14. His Maternal grandmother brought him up under the guardians (अभिभावक) of Richard Abbey and John Rowland Sandell.


जॉन कीट्स ने पढ़ने और अध्ययन पर ध्यान देना शुरू किया। उन्होंने १८०९ में अपना पहला पुरस्कार जीता। जॉन कीट्स के माता-पिता की मृत्यु तब हुई जब वह केवल १४ वर्ष से कम उम्र के थे। उनकी नानी ने उन्हें रिचर्ड एबे और जॉन रॉलैंड सैंडेल के अभिभावकों (अभिभावक) के अधीन पाला।

He studied medicine in a hospital in London and apprenticed (प्रशिक्षु, काम सीखा) with an apothecary (रसायनज्ञ, दवा बेचने वाला) surgeon, Thomas Hammond. Thomas Hammond was his neighbor and the doctor of the Jennings family. Although He became a licensed apothecary in 1816, he never practiced medicine.

उन्होंने लंदन के एक अस्पताल में चिकित्सा का अध्ययन किया और एक औषधालय (रसायनज्ञ, दवा बनाने वाला) सर्जन, थॉमस हैमंड के साथ प्रशिक्षु (प्रशिक्षु, काम अन्य) किया। थॉमस हैमंड उनके पड़ोसी और जेनिंग्स परिवार के डॉक्टर थे। यद्यपि वह १८१६ में एक लाइसेंस प्राप्त औषधालय बन गया, उसने कभी चिकित्सा का अभ्यास नहीं किया।

His friend and mentor Cowen Clarke described this period as – ‘the most placid time in Keats’ life’.

उनके मित्र और संरक्षक कोवेन क्लार्क ने इस अवधि को 'कीट्स' के जीवन का सबसे शांत समय' के रूप में वर्णित किया।

After completing his apprenticeship with Hammond, he began studying at Guy’s Hospital. Now it comes under King’s College London. He was a dresser (मरहम-पट्टीकार) at the hospital, assisting surgeons during operations. The Medicine field economically helped him, so Keats had a desire to become a doctor.


हैमंड के साथ अपनी शिक्षुता पूरी करने के बाद, उन्होंने गाय के अस्पताल में पढ़ना शुरू किया। अब यह किंग्स कॉलेज लंदन के अंतर्गत आता है। वह अस्पताल में एक ड्रेसर (मरहम-भरी) था, ऑपरेशन के दौरान सर्जनों की सहायता करता था। चिकित्सा क्षेत्र ने आर्थिक रूप से उनकी मदद की, इसलिए कीट्स की इच्छा डॉक्टर बनने की थी।

Later, he felt that he was ambivalent (उभयभावी, दो गुणों को धारण करने वाला) about his medical career with stark (निरा, फीका) choice. Although he continually worked at Guy’s hospital but was gave more and more time to study literature and verse.


बाद में, उन्होंने महसूस किया कि वह स्टार्क (निरा, फ़ीका) पसंद के साथ अपने चिकित्सा करियर के बारे में उभयभावी (दुभायभावी, दो गुण दोष वाला) थे। हालाँकि उन्होंने गाइ के अस्पताल में लगातार काम किया लेकिन उन्हें साहित्य और पद्य का अध्ययन करने के लिए अधिक से अधिक समय दिया गया।

Career and Occupation-

Keats’ sense of the power and romance of literature began as Clarke encouraged (प्रोत्साहित किये) him to turn his energy and curiosity (उत्सुकता) to their library. John Keats wrote his first poem ‘An Imitation of Spenser’ in 1814 when he was only of 19.  He published his sonnet ‘On Solitude’ in May 1816 in his magazine, The Examiner. His friend and mentor, Cowden Clarke described it as ‘Red-letter day’, for his friend John Keats. Leigh Hunt helped him to publish ‘On Solitude’. ‘On Solitude’ was published in a magazine called the Examiner.

कीट्स की साहित्य की शक्ति और रोमांस की भावना तब शुरू हुई जब क्लार्क ने उन्हें अपनी ऊर्जा और जिज्ञासा (उत्सुकता) को अपने पुस्तकालय में बदलने के लिए प्रोत्साहित किया। जॉन कीट्स ने अपनी पहली कविता 'एन इमिटेशन ऑफ स्पेंसर' 1814 में लिखी थी, जब वह केवल 19 वर्ष के थे। उन्होंने मई 1816 में अपनी पत्रिका द एक्जामिनर में अपना सॉनेट 'ऑन सॉलिट्यूड' प्रकाशित किया। उनके मित्र और संरक्षक, काउडेन क्लार्क ने अपने मित्र जॉन कीट्स के लिए इसे 'रेड-लेटर डे' के रूप में वर्णित किया। लेह हंट ने उन्हें 'ऑन सॉलिट्यूड' प्रकाशित करने में मदद की। 'ऑन सॉलिट्यूड' एक्जामिनर नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ था।

Further, his financial condition was not good, so he was suffering from depression (अवसाद, उदासी). According to his brother George- John was feared that he should never be a poet, and if he was failed he would destroy himself.


इसके अलावा, उसकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, इसलिए वह अवसाद (अवसादी, उप) से पीड़ित था। उनके भाई जॉर्ज के अनुसार- जॉन को डर था कि वह कभी कवि नहीं बनेंगे, और अगर वह असफल रहे तो वे खुद को नष्ट कर देंगे।

Cowden Clarke introduced Keats to Leigh Hunt, a close friend of Byron and Shelly. His poems ‘I Stood Tiptoe’ and ‘Sleep and Poetry’ were influenced by Leigh Hunt.

काउडेन क्लार्क ने कीट्स को लेह हंट से मिलवाया, जो बायरन और शेली के करीबी दोस्त थे। उनकी कविताएँ 'आई स्टूड टिपटो' और 'स्लीप एंड पोएट्री' लेह हंट से प्रभावित थीं।

John Keats met William Hazlitt, a powerful literary figure of the day. Keats was regularly meeting William Hazlitt. It was a turning point for Keats. Leigh Hunt termed ‘A new should of poetry’ to Keats to make him a public figure.

जॉन कीट्स उस समय के एक शक्तिशाली साहित्यकार विलियम हेज़लिट से मिले। कीट्स नियमित रूप से विलियम हेजलिट से मिलते थे। कीट्स के लिए यह एक महत्वपूर्ण मोड़ था। लेह हंट ने कीट्स को एक सार्वजनिक व्यक्ति बनाने के लिए 'कविता का एक नया चाहिए' करार दिया।

John Keats published his first volume of poetry in 1817. In 1818, his brother Tom Keats died, after that, he moved to Hampstead Heath. He lived in the house of Charles Brown. There lived a lady named Mrs. Brawne. Her 16 years old daughter Fanny and John Keats fell in love with each other.

जॉन कीट्स ने 1817 में अपनी पहली कविता प्रकाशित की। 1818 में, उनके भाई टॉम कीट्स की मृत्यु हो गई, उसके बाद वे हैम्पस्टेड हीथ चले गए। वह चार्ल्स ब्राउन के घर में रहता था। श्रीमती ब्राउन नाम की एक महिला रहती थी। उनकी 16 साल की बेटी फैनी और जॉन कीट्स को एक-दूसरे से प्यार हो गया।

His poem ‘Endymion’ published in 1818. This year, 1818 was the most productive year for John Keats. It is called this annus mirabilis (a remarkable (अद्भुत) or auspicious (शुभ, मंगल) year) as he wrote most of his important poems and published in 1818 such as-

उनकी कविता 'एंडिमियन' 1818 में प्रकाशित हुई। यह वर्ष, 1818 जॉन कीट्स के लिए सबसे अधिक उत्पादक वर्ष था। इसे इस वार्षिक मिराबिलिस (एक उल्लेखनीय (अद्भुत) या शुभ (शुभ, मंगल) वर्ष) कहा जाता है क्योंकि उन्होंने अपनी अधिकांश महत्वपूर्ण कविताएँ लिखीं और 1818 में प्रकाशित हुईं जैसे-

The Eve of St Agnes,

La Belle Dame Sans Merci

To Melancholy

To a Nightingale

To Psyche

To a Grecian Urn

Endymion was his first long poem. The poem starts with famous lines-

‘A thing of beauty is a joy for ever’.

'सौन्दर्य की अनुभूति सौन्दर्यवान वस्तु से अधिक समय तक बनी रहती है'।

This poem is based on the Greek myth (मिथक, कल्पित कथा) of Endymion. Endymion was a shepherd boy loved by the Moon Goddess Selene. ‘Endymion is written in heroic couplets. John Keats called this poem ‘a test, a trial’ of his ‘powers of imagination and his ‘invention’.

यह कविता एंडिमियन के ग्रीक मिथक (मिथक, कल्पित कथा) पर आधारित है। एंडिमियन एक चरवाहा लड़का था जो चंद्रमा देवी सेलेन से प्यार करता था। एंडिमियन वीर दोहे में लिखा है। जॉन कीट्स ने इस कविता को अपनी 'कल्पना की शक्तियों और उनके 'आविष्कार' की 'एक परीक्षा, एक परीक्षा' कहा है।

‘Endymion’ was dedicated to Thomas Chatterton.

In 1820, John Keats began to feel ill of consumption (क्षय, यक्ष्मा). Due to his consumption, he was unable to complete his future goals. He went Italy to for his treatment. He returned from there and went to Rome. His Tuberculosis was in its last stage, so he died on February 23, 1821, when he was only of 25. He was buried in the Protestant Cemetery in Rome. John Keats requested before his death to write ‘Here lies one whose name was written in water, on his tombstone.

1820 में, जॉन कीट्स उपभोग (क्षय, यक्ष्मा) से बीमार महसूस करने लगे। अपने उपभोग के कारण, वह अपने भविष्य के लक्ष्यों को पूरा करने में असमर्थ था। वह इलाज के लिए इटली गए थे। वह वहाँ से लौटा और रोम चला गया। उनका तपेदिक अपने अंतिम चरण में था, इसलिए 23 फरवरी, 1821 को उनकी मृत्यु हो गई, जब वे केवल 25 वर्ष के थे। उन्हें रोम में प्रोटेस्टेंट कब्रिस्तान में दफनाया गया था। जॉन कीट्स ने अपनी मृत्यु से पहले यह लिखने का अनुरोध किया था 'यहाँ एक है जिसका नाम पानी में लिखा गया था, उसकी समाधि पर'

Period-

 He belongs to The Romantic Age.

Famous Works-

Poems (1817)

Endymion, A Poetic Romance (1818)

Hyperion (W- 1818-1819)

Ode on a Grecian Urn (1820)

La Belle Dame Sans Merci (1819)

To Autumn (1820)

Ode on Melancholy (W- 1819)

Ode to Psyche (1819)

Lamia, Isabella (1820)

Ode to a Nightingale (1819)

On Indolence (W- 1819,   P- 1848)

Works-

Although Keats died at the age of 25, he had perhaps the most remarkable career of any English poet. He published 54 sonnets. He was a master of many poetic forms- sonnet, Spenserian romance, Miltonic epic.

हालांकि कीट्स का 25 वर्ष की आयु में निधन हो गया, लेकिन उनका शायद किसी भी अंग्रेजी कवि का सबसे उल्लेखनीय करियर था। उन्होंने 54 सॉनेट प्रकाशित किए। वह कई काव्य रूपों के स्वामी थे- सॉनेट, स्पेंसरियन रोमांस, मिल्टोनिक महाकाव्य।

Death-

In 1820, John Keats began to feel ill of consumption. Due to his consumption, he was unable to complete his future goals. He went Italy to for his treatment. He returned from there and went to Rome. His Tuberculosis was in its last stage, so he died on February 23, 1821, when he was only of 26. He was buried in the Protestant Cemetery in Rome.

1820 में, जॉन कीट्स क्षय के कारण बीमार महसूस करने लगे। अपने उपभोग के कारण, वह अपने भविष्य के लक्ष्यों को पूरा करने में असमर्थ था। वह इलाज के लिए इटली गए थे। वह वहाँ से लौटा और रोम चला गया। उनका तपेदिक अपने अंतिम चरण में था, इसलिए 23 फरवरी, 1821 को उनकी मृत्यु हो गई, जब वे केवल 26 वर्ष के थे। उन्हें रोम में प्रोटेस्टेंट कब्रिस्तान में दफनाया गया था।
John Keats’ Biography (1795-1821)

John Keats’ Biography (1795-1821)

John Keats का जीवन-परिचय हिन्दी में पढ़ें

Birth-

John Keats was born on October 31, 1795, in Moorgate, London. His parents marked his birthday on 29 October and in baptism (ईसाई दीक्षा, नामकरण संस्कार) record his birthday is marked on 31 October. Keats was said to have born in his maternal grandfather’s (नाना) stable (घुडसाल, अस्तबल). He was a great English Romantic lyric poet, devoted his life to the perfection of poetry with vivid imagery and great sensuous (भावमय, कामुक) appeal.

Father-

His father’s name was Thomas Keats. He had 4 children. John Keats was the eldest out of them. John Keats younger siblings (सगे भाई-बहन) were-

  1. George Keats
  2. Thomas Keats
  3. Frances Mary Keats

His father worked in the stable of his father-in-law. His father died from skull (खोपड़ी) fracture (अंग-भंग) after falling from his horse when he was only of 8. Unfortunately, his father died intestate (बिना वसीयतनामा लिखे).

Mother-

His mother’s name was Frances Jennings. John Keats’ mother died when he was only of 14, six years later of his father’s death. His mother died of Tuberculosis (यक्ष्मा, क्षय रोग) in March 1810.

Spouse-

John Keats fell in deeply in love with a French girl, Fanny Browne, but met with sorrow and dejection (निराशा, उदासी). He became engaged to Fanny Browne, but due to money problem and symptoms (लक्षण) of tuberculosis, he never got married. It aggravated (उत्तेजित किया) his tuberculosis (यक्ष्मा, क्षय रोग) and he died.

Fanny left him all too suddenly on the strange plea (बहाना, दलील) that Keats was not a few inches taller than her.

Education-

The first time he was sent to a local dame school. His parents wished to send their sons to Eton or Harrow, but they could not afford (समर्थ होना) the fees. When he was at his grandparents’ (नाना-नानी) home in Edmonton, he was sent to John Clarke’s school in Enfield.  When he was at Clarke’s school he developed an interest in classics and history, the interest was with him throughout his life.

When he was at Clarke’s school, he met Charles Cowden Clarke, the headmaster’s son. Charles was his mentor (गुरू, परामर्शदाता) and friend. He introduced John Keats to Tasso, Spenser, Chapman’s translations and Renaissance (पुनर्जागरण) Literature.

John Keats began to focus on reading and study. He won his first prize in 1809. John Keats’ parents died when he was only under 14. His Maternal grandmother brought him up under the guardians (अभिभावक) of Richard Abbey and John Rowland Sandell.

He studied medicine in a hospital in London and apprenticed (प्रशिक्षु, काम सीखा) with an apothecary (रसायनज्ञ, दवा बेचने वाला) surgeon, Thomas Hammond. Thomas Hammond was his neighbor and the doctor of the Jennings family. Although He became a licensed apothecary in 1816, he never practiced medicine.

His friend and mentor Cowen Clarke described this period as – ‘the most placid time in Keats’ life’.

After completing his apprenticeship with Hammond, he began studying at Guy’s Hospital. Now it comes under King’s College London. He was a dresser (मरहम-पट्टीकार) at the hospital, assisting surgeons during operations. The Medicine field economically helped him, so Keats had a desire to become a doctor.

Later, he felt that he was ambivalent (उभयभावी, दो गुणों को धारण करने वाला) about his medical career with stark (निरा, फीका) choice. Although he continually worked at Guy’s hospital but was gave more and more time to study literature and verse.

Career and Occupation-

Keats’ sense of the power and romance of literature began as Clarke encouraged (प्रोत्साहित किये) him to turn his energy and curiosity (उत्सुकता) to their library. John Keats wrote his first poem ‘An Imitation of Spenser’ in 1814 when he was only of 19.  He published his sonnet ‘On Solitude’ in May 1816 in his magazine, The Examiner. His friend and mentor, Cowden Clarke described it as ‘Red-letter day’, for his friend John Keats. Leigh Hunt helped him to publish ‘On Solitude’. ‘On Solitude’ was published in a magazine called the Examiner.

Further, his financial condition was not good, so he was suffering from depression (अवसाद, उदासी). According to his brother George- John was feared that he should never be a poet, and if he was failed he would destroy himself.

Cowden Clarke introduced Keats to Leigh Hunt, a close friend of Byron and Shelly. His poems ‘I Stood Tiptoe’ and ‘Sleep and Poetry’ were influenced by Leigh Hunt.

John Keats met William Hazlitt, a powerful literary figure of the day. Keats was regularly meeting William Hazlitt. It was a turning point for Keats. Leigh Hunt termed ‘A new should of poetry’ to Keats to make him a public figure.

John Keats published his first volume of poetry in 1817. In 1818, his brother Tom Keats died, after that, he moved to Hampstead Heath. He lived in the house of Charles Brown. There lived a lady named Mrs. Brawne. Her 16 years old daughter Fanny and John Keats fell in love with each other.

His poem ‘Endymion’ published in 1818. This year, 1818 was the most productive year for John Keats. It is called this annus mirabilis (a remarkable (अद्भुत) or auspicious (शुभ, मंगल) year) as he wrote most of his important poems and published in 1818 such as-

The Eve of St Agnes,

La Belle Dame Sans Merci

To Melancholy

To a Nightingale

To Psyche

To a Grecian Urn

Endymion was his first long poem. The poem starts with famous lines-

‘A thing of beauty is a joy for ever’.

This poem is based on the Greek myth (मिथक, कल्पित कथा) of Endymion. Endymion was a shepherd boy loved by the Moon Goddess Selene. ‘Endymion is written in heroic couplets. John Keats called this poem ‘a test, a trial’ of his ‘powers of imagination and his ‘invention’.

‘Endymion’ was dedicated to Thomas Chatterton.

In 1820, John Keats began to feel ill of consumption (क्षय, यक्ष्मा). Due to his consumption, he was unable to complete his future goals. He went Italy to for his treatment. He returned from there and went to Rome. His Tuberculosis was in its last stage, so he died on February 23, 1821, when he was only of 25. He was buried in the Protestant Cemetery in Rome. John Keats requested before his death to write ‘Here lies one whose name was written in water, on his tombstone

Period-

 He belongs to The Romantic Age.

Famous Works-

Poems (1817)

Endymion, A Poetic Romance (1818)

Hyperion (W- 1818-1819)

Ode on a Grecian Urn (1820)

La Belle Dame Sans Merci (1819)

To Autumn (1820)

Ode on Melancholy (W- 1819)

Ode to Psyche (1819)

Lamia, Isabella (1820)

Ode to a Nightingale (1819)

On Indolence (W- 1819,   P- 1848)

Works-

Although Keats died at the age of 25, he had perhaps the most remarkable career of any English poet. He published 54 sonnets. He was a master of many poetic forms- sonnet, Spenserian romance, Miltonic epic.

Death-

In 1820, John Keats began to feel ill of consumption. Due to his consumption, he was unable to complete his future goals. He went Italy to for his treatment. He returned from there and went to Rome. His Tuberculosis was in its last stage, so he died on February 23, 1821, when he was only of 26. He was buried in the Protestant Cemetery in Rome.

Enable Notifications    OK No thanks