सुखी जीवन कैसे जिएँ? How to be Happy in Life?

How to Live Happy Life? सुखी जीवन कैसे जिएँ? आइए Happiness का मूलमंत्र देखें।

सुखी जीवन के लिए कुछ सुझाव निम्नलिखित हैं, इन पर कोई अमल करें तो निश्चित रूप से अपने जीवन को सुखमय बना सकता है। चलिए एक-एक करके सभी सुझावों को देखते हैं।

Some tips for a happy life are given below, if someone follows them, he can definitely make his life happy. Let’s look at all the suggestions one by one.

1-  हमें धीरे बात करनी चाहिए लेकिन जल्दी सोचना चाहिए। We should talk slowly but think quickly.

2- कुछ भी बोलने से पहले सोचें जरूर, बिना सोचे समझे कभी न बोलें। Think before you say anything, never speak without thinking.

3- बिना मांगे किसी को सुझाव न दें, जब आप से सुझाव मांगा जाए तभी दें। Do not give suggestions to anyone without asking, give them only when you are asked to give.

4- दूसरों के फालतू बातों में ना उलझें। अपने काम से काम रखें। अपने लक्ष्य पर ध्यान दें। Don’t get entangled in the nonsense of others. Keep up with your business. Focus on your goal.

5- अपने बच्चों के सामने अपने पति या पत्नी की आलोचना न करें। Don’t criticize your spouse in front of your kids.

6- अपने पति/पत्नी को उसके सोचने से अधिक दें, प्रसन्नता पूर्वक दें। आपकी पति/पत्नी को आप पर गर्व हो। Give more to your spouse than he/she thinks, give happily. Your spouse should be proud of you.

7- अपने पारिवारिक निर्णयों में अपने बच्चों को भी शामिल करें, उनके सोच या विचार आप को आश्चर्यचकित कर देंगे। Involve your children in your family decisions as well, their thoughts or ideas will surprise you.

8- अपने बच्चों में, निश्चित समय पर सोने और जागने की आदत डालें। Inculcate the habit of sleeping and waking up at fixed times in your children.

9- अपने बच्चों को उनके मित्रों के सामने ना डाँटें या पीटें नही। Do not scold or beat your children in front of their friends.

10- अपने विचारों पर ध्यान दें, वे आपके शब्द बन जाएंगे। Pay attention to your thoughts, they will become your words.

11- अपने कार्यों पर ध्यान दें, वे आपकी आदत बन जाएंगे। Pay attention to your actions, they will become your habit.

12- अपनी आदतों पर ध्यान दें, वे आपके चरित्र बन जाएंगे। Pay attention to your habits, they will become your character

13- याद रखें, जो व्यक्ति जैसे सोचता है, वैसे करता है, वैसे ही बन जाता है। Remember, as a person thinks, so he does, so he becomes.

14- हमारी सोच ही हमारे जीवन के सुख और दुख के लिए जिम्मेदार है। Our thinking is responsible for the happiness and sorrow of our life.

15- याद रखें, यदि हमारी सोच हमें दुखी न करें तो ईश्वर में भी इतनी ताकत नही की हमें दुखी कर सकें। Remember, if our thoughts do not make us sad, even God does not have enough power to make us sad.

16- सकारात्मक सोचें, किसी भी चीज के बारे में सकारात्मक सोच ही रखें। Think positive, think positive about anything.

17- यदि हम अच्छा सोचते हैं, कुछ शुभ सोचते हैं, तो उस पर अमल जरूर करें। जब तक हम अमल नहीं करते हैं, सोच सिर्फ सोच ही रह जाती हैं। If we think good, think something auspicious, then definitely act on it. Unless we act, thinking remains just thinking.

18- समय के पाबंद बनें, अपना हर काम निश्चित समय पर करने की कोशिश करें। Be punctual, try to do all your work on time.

19- अपने कार्य के प्रति समर्पित रहें, अपने कार्य मे रुचि लीजिए, कार्य में आनंद लीजिए। कोई कार्य छोटा- बड़ा नही होता। Be dedicated to your work, take interest in your work, take pleasure in work. No task is small or big.

20- जब भी कोई कार्य करें, तो कार्य को पूरा करने की कोशिश करें, हो सके तो पूरा करके ही छोड़ें। कार्य आधा-अधूरा ना छोड़ें। Whenever you do a work, try to complete the work, if possible, leave it after completing it. Don’t leave work half-finished.

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21- दृढ़ निश्चयी, जुझारू, हिम्मती और कर्तव्यनिष्ठ बनें। Be determined, combative, courageous and conscientious.

22- इस दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है, पूर्ण विश्वास के साथ आगे बढ़ते रहें। एक दिन आपकी मनोकामना जरूर पूरी होगी। Nothing is impossible in this world, keep moving forward with full faith. One day your wish will definitely come true.

23- परिवार में छोटे-बड़े सबका सम्मान करें। याद रखें, जहां भी रहें, जिन किसी के साथ रहें, सबके साथ परिवार की भावना के साथ रहें। Respect everyone in the family, big and small. Remember, wherever you live, with whomever you live, live with everyone in the spirit of family.

24- अपने जुबान के पक्के बने। Be firm in your tongue, try to do what you say.

25- अपने काम से काम रखें, फालतू के झमेले में पड़ने से बचें। Focus on your business, avoid getting into unnecessary mess.

26- मौका मिले तो दूसरों की मदद जरूर करें। If you get a chance, help others.

27- सुबह शाम ईश्वर से मनो-संवाद जरूर करें। ईश्वर की शरण में जाएं। Have a dialogue with God in the morning and evening. Take refuge in God.

28- भरपूर नींद लें, समय से सोएं, समय से जागें। Get enough sleep, sleep on time, wake up on time.

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29- उचित मात्रा में संतुलित भोजन करें। Eat a balanced diet in proper quantity.

30- दूसरों के सुख-दुख में शामिल हों। Join in the joys and sorrows of others.

उम्मीद करता हूं, ये पोस्ट आपको अच्छा लगा होगा। अच्छा लगा हो तो यह पोस्ट को दूसरों को शेयर जरूर करें। धन्यवाद! I hope you liked this post. If you liked it, share this post with others. Thank you!

विद्यारत्न ऑफिसियल

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